हिंदुस्तान टाइम्स की पहली खबर थी ‘इंडिया इंडिपेंडेंटः ब्रिटिश रूल्स एंडस।’
टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा भारत की आजादी का जन्म हआ.
हिंदुस्तान हिंदी ने आजादी के दिन प्रकाशित अखबार के पहले पन्ने पर लिखा कि शताब्दियों की दासता के बाद भारत में स्वतंत्रता का मंगल प्रभात.
द स्टेटसमेन ने लिखा कि दो संप्रभु राष्ट्रों का जन्म हुआ. साथ ही लिखा कि दुनिया की आबादी के पांचवें हिस्से को राजनीतिक आजादी मिल गई.
गुजरात समाचार ने खबर को हेडिंग दिया- "गुलामी की स्याह रात का अंत-आजादी का उदय"
15 अगस्त 1947 को विश्व के प्रसिद्ध समाचार पत्रों की सुर्खियों में भी भारत था-
अमेरिकी दैनिक 'द वाशिंगटन पोस्ट' ने भी भारत की आजादी की खबर को पहले पन्ने पर प्रकाशित किया.
ऑस्ट्रेलिया के अखबार द कूरियर मेल ने भारत को ब्रिटिश हुकूमत की दासता से आजादी मिलने की खबर को पहले पन्ने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया. साथ ही भारत का बंटवारा होने पर बने नए देश पाकिस्तान के बारे में भी जानकारी दी. अखबार ने नए भारत का नक्शा भी छापा था. साथ ही बंटवारे के कारण हुए दंगों में मरने वालों की जानकारी भी दी थी.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने खबर में बताया कि अंग्रेजों की गुलामी से आजादी के साथ दो देशों भारत और पाकिस्तान का जन्म हो गया है. साथ ही बताया कि बंटवारे के कारण दोनों देशों में दंगे हो रहे हैं. इसके अलावा अखबार ने नक्शे में दोनों नए देशों की भौगोलिक स्थिति के बारे में भी बताया.
आइरिश टाइम्स ने लिखा कि ब्रिटेन के सत्ता हस्तांतरण के बाद भारत में जश्न का माहौल है. वहीं, बाईं ओर पाकिस्तान के झंडे की तस्वीर लगाई. साथ ही बताया कि 14 और 15 अगस्त की मध्य रात्रि को भारत में लोगों ने जमकर आतिशबाजी की.
पाकिस्तानी अखबार दि डॉन ' पाकिस्तान का जन्म