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हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूँ,

हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूँ, सौ धर्मों का धर्म एक, बलिदान बताने आया हूँ । सुनो हिमालय कैद हुआ है, दुश्मन की जंजीरों में आज बता दो कितना पानी, है भारत के वीरो में, खड़ी शत्रु की फौज द्वार पर, आज तुम्हे ललकार रही, सोये सिंह जगो भारत के, माता तुम्हे पुकार रही । रण की भेरी बज रही, उठो मोह निद्रा त्यागो, पहला शीष चढाने वाले, माँ के वीर पुत्र जागो। बलिदानों के वज्रदंड पर, देशभक्त की ध्वजा जगे, और रण के कंकण पहने है, वो राष्ट्रभक्त की भुजा जगे ।। अग्नि पंथ के पंथी जागो, शीष हथेली पर धरकर, जागो रक्त के भक्त लाडले, जागो सिर के सौदागर, खप्पर वाली काली जागे, जागे दुर्गा बर्बंडा, और रक्त बीज का रक्त चाटने, वाली जागे चामुंडा । नर मुंडो की माला वाला, जगे कपाली कैलाशी, रण की चंडी घर घर नाचे, मौत कहे प्यासी प्यासी, रावण का वध स्वयं करूँगा, कहने वाला राम जगे, और कौरव शेष न एक बचेगा, कहने वाला श्याम जगे ।। परशुराम का परशु जगे, रघुनन्दन का बाण जगे , यदुनंदन का चक्र जगे, अर्जुन का धनुष महान जगे, चोटी वाला चाणक्य जगे, पौरुष का पुरष महान जगे और सेल्...
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श्री सूक्त ( ऋग्वेद) Sri Suktam (A Vedic Hymn Addressed to Goddess Lakshmi)

श्री सूक्तं Sri Suktam, मूलतः ऋग्वेद के दूसरे अध्याय के छठे सूक्त अनुष्टुप छन्द में आनंदकर्दम ऋषि द्वारा श्री देवता को समर्पित काव्यांश है। https://youtu.be/LbC1XJ3kdrw Please subscribe to our channel Lakshmi (लक्ष्मी) is the goddess of wealth, fortune, and prosperity; of both material and spiritual. She is the wife and active energy (शक्ति) of Vishnu,नारायण. Maa Lakshmi is also known as Narayani, Her four hands represent the four goals of human life considered important to the Hindu way of life- dharma, kāma, artha, and moksha Lakshmi is also called Sri or Thirumagal because she is endowed with six auspicious and divine strength even to Vishnu. || हरिः ॐ || हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्त्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनाद प्रबोधिनीम् । श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवीर्जुषताम् कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्त...

नाखूनों पर बने इस 'अर्ध चांद' का क्या अर्थ हैं

नाखूनों पर धब्बे हों और नाखून दिखने में अच्छे नहीं हों तो ऐसा व्यक्ति जीवन में बहुत उन्नति नहीं कर पाता है। इनकी आर्थिक स्थिति सामान्य होती है। नाखून टेढ़े-मेढ़ा और रेखा युक्त होना आर्थिक दृष्टि से प्रतिकूल स्थिति को दर्शाता है। उत्तम नाखून जो आर्थिक उन्नति और अमीरी को दर्शाते हैं उनके विषय में कहा गया है कि, जिनके नाखून रेखा और धब्बा रहित चिकने और लालिमा युक्त होते हैं वह धनवान होता हैं। नाखून का आकार उंगली के पहले पोर का आधा होना उत्तम माना गया है। कुछ लोगों के हाथों के नाखूनों पर अर्ध चंद्रमा बना होता है। हाथ के नाखूनों पर बने अर्धचंद्रमा का क्‍या महत्‍व और अर्थ होता है। अंगूठे पर अर्धचंद्र अपने अंगूठे के नाखून को देखिए इस पर अर्धचन्द्र बना हुआ है तो समझ लीजिए कि निकट भविष्य में आपके घर में कोई शुभ काम होने वाला है या कोई खुशखबरी आने वाली है। अंगूठे के नाखून पर अर्धचंद्र की आकृति होने का मतलब है उस व्‍यक्‍ति को जल्‍दी ही कोई आशातीत या अचानक सफलता का कोई शुभ समाचार मिलने वाला है।अगर चन्द्र का आकार छोटा है तो खुशखबरी आने वाली है लेकिन कुछ समय तक इंतजार करना होगा।  अगर किस...

कालिदास

कालिदास प्राचीन भारत में संस्कृत भाषा के उच्च-कोटि के कवि और नाटककार थे। आधुनिक विद्वानों ने तो उन्हें राष्ट्रीय कवि तक का स्थान दिया है। महाकवि कालिदास के नाम का शाब्दिक अर्थ ‘काली का सेवक’ है और वो काली मां के अनन्य भक्त थे। वर्तमान समय में लगभग 40 ऐसी रचनाएँ हैं जिन्हें कालिदास के नाम से जोड़ा जाता है। लेकिन इनमें से केवल सात ही निर्विवाद रूप से महाकवि कालिदास द्वारा रचित मानी जाती हैं। इन सात में से तीन नाटक, दो महाकाव्य और दो खण्डकाव्य हैं। महाकवि कालिदास की सात रचनाओं और उनके जीवन के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है- ऐसी सात प्रमुख रचनाएँ हैं जिन्हें निर्विवाद रूप से कालिदास रचित माना जाता है। इन सात में से तीन नाटक हैं – अभिज्ञान शाकुन्तलम्, विक्रमोर्वशीयम् और मालविकाग्निमित्रम्; दो महाकाव्य हैं- रघुवंशम् और कुमारसंभवम्; और दो खंण्डकाव्य हैं- मेघदूत और ऋतुसंहार। इन सभी का संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है- अभिज्ञान शाकुन्तलम् – यह नाटक महाभारत के आदिपर्व के शकुन्तलोपाख्यान पर आधारित है जिसमें राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रेम-कथा का वर्णन है। इस नाटक के कुल 7 अंक ह...

15 अगस्त 1947 को समाचार-पत्रों की सुर्खियाँ क्या थी? 15 august

हिंदुस्तान टाइम्स की पहली खबर थी ‘इंडिया इंडिपेंडेंटः ब्रिटिश रूल्स एंडस।’ टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने लिखा भारत की आजादी का जन्‍म हआ. हिंदुस्‍तान हिंदी ने आजादी के दिन प्रकाशित अखबार के पहले पन्‍ने पर लिखा कि शताब्दियों की दासता के बाद भारत में स्‍वतंत्रता का मंगल प्रभात. द स्‍टेटसमेन ने लिखा कि दो संप्रभु राष्‍ट्रों का जन्‍म हुआ. साथ ही लिखा कि दुनिया की आबादी के पांचवें हिस्‍से को राजनीतिक आजादी मिल गई. गुजरात समाचार ने खबर को हेडिंग दिया- "गुलामी की स्‍याह रात का अंत-आजादी का उदय" 15 अगस्त 1947 को विश्व के प्रसिद्ध समाचार पत्रों की सुर्खियों में भी भारत था- अमेरिकी दैनिक 'द वाशिंगटन पोस्‍ट' ने भी भारत की आजादी की खबर को पहले पन्‍ने पर प्रकाशित किया. ऑस्‍ट्रेलिया के अखबार द कूरियर मेल ने भारत को ब्रिटिश हुकूमत की दासता से आजादी मिलने की खबर को पहले पन्‍ने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया. साथ ही भारत का बंटवारा होने पर बने नए देश पाकिस्‍तान के बारे में भी जानकारी दी. अखबार ने नए भारत का नक्‍शा भी छापा था. साथ ही बंटवारे के कारण हुए द...

आप युद्ध चाहते हैं या शान्ति?

Si vis pacem, para bellum "If you want peace, prepare for war" अगर आप शांति चाहते हैं तो युद्ध की तैयारी करें। David Vance ✔ @DVATW # NeverForget911 Even on a day of horror, love prevailed. Watch 8,809 12:16 pm - 11 सित॰ 2019 Twitter Ads की जानकारी और गोपनीयता 4,500 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं आज के ही दिन 18 साल पहले (मैं लगभग १३ साल का था) अमेरिका के वर्ड ट्रैड सेंटर पर अचानक हमला हो गया। हजारों लोग मारे गए। मरने वालों को यह भी नहीं पता था कि उनका वे किसके दुश्मन हैं। उनका दुश्मन कौन है। कोई उन्हे क्यों मारना चाहता हैं। ऐसी असंख्य घटनाएं इन 18 सालों मे घटित हुई हैं। आगे भी होती रहेगी। मरने के बाद तो आपकी कब्र/अर्थी/समाधि पर या आपकी मौत की ट्वीट/फेस्बूक अपडेट पर लोग आकर बोलएगे ही 'Rest in Peace' अगर ऐसी ही शांति चाहिए तो केवल मौन हो कर प्रतीक्षा करें।

महिलाओं का खतना क्या होता है? कुरान में क्या है इसकी हकीकत?

कुछ मुस्लिम समुदायों में सालों से 'खतना प्रथा' या 'खफ्ज प्रथा' का माना जा रहा है। महिलाओं का खतना एक ऐसी कुप्रथा है, जिससे न सिर्फ महिलाएं अपना मानसिक संतुलन खो देती हैं, बल्कि उनके शरीर को बेहद नुकसान भी पहुँचता है। जो लड़कियाँ बच भी जाती हैं, इस कुप्रथा से जुड़ी दर्दनाक यादें ताउम्र उनके साथ रहती है। बोहरा, शिया मुस्लिम हैं, जिनकी संख्या लगभग 2 मिलियन है और ये महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बसे हैं। चित्र स्रोत -  End FGM website launched to warn of dangers of practice ख़तना कराने की उम्र - जैसे ही कोई बच्ची 7 साल की हो जाती है, उसकी मां या दादी उसे एक दाई या लोकल डॉक्टर के पास ले जाती हैं। बच्ची को ये भी नहीं बताया जाता कि उसे कहां ले जाया जा रहा है या उसके साथ क्या होने वाला है। दाई या आया या वो डॉक्टर उसके क्लिटोरि को काट देते हैं। इस प्रथा का दर्द ताउम्र के लिए उस बच्ची के साथ रह जाता है। इस प्रथा का एकमात्र उद्देश्य है, बच्ची या महिला की काम इच्छाओं को दबाना। एफजीएम  Female genital mutilation अफ्रीका के कई हिस्सों और मध्य एशिया में सदि...