कोई समानता नहीं हैं। सनकी नियमों की पुस्तक और दर्शन की पुस्तक के बीच समानताएं क्या हो सकती हैं?
चलिए देखने हैं कुरान क्या कहता है:
- कुरान कहता हैं - इस्लाम ही एक मात्र सच्चा मजहब हैं, और यह अल्लाह का मजहब है।
- विश्वास करने वाले जन्नत जाएंगे, काफिर के लिए दोजख(इस्लामिक नरक) के सिवाय कुछ भी नहीं हैं।
- मानवजाति का एक मात्र लक्ष्य जन्नत हैं, उन्हे इसके लिए प्रयत्नरत रहना चाहिए।
- पाँच प्रार्थना, हज, अल्लाह और रसूल मे विश्वास परमावश्यक हैं, अन्यथा दोजख की आग मे जलने के लिए तैयार रहें।
- आपको उस पुस्तक का अनुसरण करना होगा जिसे आपके लिए आसमान से से भेज गया है और यही प्रमाण पत्र होगा आपके अच्छे कर्मों का। अगर अपने यह नहीं किया तो आप चाहे जीतने भी व्यक्ति क्यों न हों, अल्लाह आपको नरक की अग्नि मे फेक देगा, जो की बहुत ही दयालु और लाभदायक हैं
- काफ़िरों का अनुसरण न करें (क्या इन्हे ईश्वर ने नहीं बनाया हैं?)
अब आइए देखते हैं भगवद गीत इन ६ बिन्दुओ पर क्या कहती हैं
- ओह, आखिर ये 'मजहब' कौन सी बला है? ( इस विषय और पढ़ें - धर्म का अर्थ यदि रीलिजन (Religion) हैं तो मातृधर्म, पितृधर्म या राष्ट्रधर्म जैसे शब्दों का अनुवाद क्या होगा?)
- आपके कर्म ही आपकी भाग्य का निर्धारण करते हैं। कोई मजहब या कोई दोजख/जन्नत का भगवदगीत में कोई स्थान ही नहीं है।
- यह ‘जन्नत’ क्या है? मन की शांति परम सुख है, और मोक्ष अंतिम लक्ष्य है।
- कोई नियम नहीं। आपको अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा और वे स्थितियों के अनुसार बदलते रहेंगे। आपको पहले से ही मौजूद विधियों(कानून, नियम, सिद्धांत)की प्रासंगिकता की जांच करनी होगी। यह अब्राहमिक कानून या नियमों, की तरह नहीं है जो 5000 साल पहले एक काम करता था इसलिए, केवल यही मेरे लिए सही होगा।
- आप अच्छे हो सकते हैं चाहे आप किस भी पंथ का अनुसरण करें। नास्तिक भी उतना ही ज्ञानी हो सकता है और उसे केवल अपने दुष्कर्मों के लिए भुगतान करना होगा, नास्तिक होने के लिए नहीं!
- यहाँ न कोई काफ़िर हैं और न मोमिन। सभी समान आत्मा हैं और भगवान उनके बीच भेदभाव नहीं करते हैं।
यह वही है जो मैंने पाया और यह मेरी निजी राय है। ध्यान दें कि मुझे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और आपको असहमत होने का अधिकार है। आइए एक-दूसरे के अधिकारों का सम्मान करें।
अब यह आप पर निर्भर है कि आप समानताएँ खोजते हैं। कृपया निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ दोनों पुस्तकें पढ़ें और देखें।