- बाइबल कहती हैं - धरती चिपटी है (Isaiah 40:22)(Job 28:24)( Mathew 4:8)(Psalm 104:5) यह गलत है।
- बाइबल कहती हैं - सूर्य पृथ्वी की परिक्रमा करता हैं (Job 9:7)(Psalm 104:5)(Ecclesiastics 1:5) यह भी गलत है।
- बाइबल दासप्रथा का समर्थन करती हैं (Exodus 21:2–11)(Leviticus 25:44–46) यह भी गलत है।
- बाइबल कहती हैं तुम्हें समलैंगिकों को मौत के घाट उतार देना चाहिए (Leviticus 20:13) यह भी गलत है।
- बाइबल कहती हैं कि एक धरापर्यंत विशाल बाढ़ आयी थी। पुराजैविकी, जीवाश्म विज्ञान, सामान्य पशु प्रवासन प्रतिमान(common animal migration patterns) और जीवाश्म रिकॉर्ड (fossil records) ने साबित कर दिया है कि ऐसा कभी नहीं हुआ।
- ईश्वर ने दावा किया है की उसने एक ही सप्ताह में ब्रह्मांड, पृथ्वी और मनुष्यों को बनाया हैं, लेकिन विज्ञान स्पष्ट रूप प्रमाणित करता हैं कि इन सब मे प्रथक रूप से कई अरब साल लग गए थे।
बाइबिल में कोई सत्यता नहीं है। वास्तव में, इसकी ज्यादातर कहानियों में उन लोगों के बारे में लिखा गया है, जो पहले दावा करते हैं कि वे "एक आदमी को जानते हैं"।
तो, यह उन प्रत्यक्षदर्शी द्वारा लिखा गया व्यौरा है जो वास्तविक चश्मदीद गवाह नहीं थे, ब्रह्मांड के कानून उन लोगों द्वारा संकलित किए गए हैं जिनके पास कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं और अपने दावों, नियमों और विनियमों की पुष्टि करने के लिए कोई प्रयोग या अनुसंधान नहीं किया है (जिनमें से अधिकांश, अत्ययंत अनैतिक हैं ), और इसमे उपलब्ध तिनके और टुकड़े वास्तव मे इसके पहले से मौजूद मजहबों और पंथों से उधार लिए गए थे।
और एक और बात गौर करने योग्य यह है कि कैसे बाइबिल बताती हैं कि पृथ्वी कैसी दिखती है, जो निश्चित रूप से गलत है: